वीडियो : श्रीराम ने हनुमान को बताया था कलयुग से जुड़ा ये रहस्य, जिसमे राम ने हनुमान से कहा अगर कलयुग में हर प्राणी करेगा ये कार्य तो…

हिंदू धर्म को बहुत प्राचीन धर्म माना जाता हैं. हिंदू धर्म को सनातन धर्म भी कहा जाता है और ये धर्म कितना प्राचीन हैं इसके बारे में आज तक कोई नहीं बता पाया है. बता दें कि हिन्दू लेखों के अनुसार इस धर्म में तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का जिक्र मिलता हैं. उन्ही देवी-देवताओं में से एक हैं भगवान राम. भगवान राम प्राचीन भारत में जन्मे देव हैं. माना जाता है कि भगवान राम विष्णु के 10 अवतारों में से सातवें अवतार हैं. भगवान राम के बारे में और उनके राजपाठ के बारे में हम सभी ने जरुर सुना व पढ़ा होगा.

भगवान राम के बारे में तो हम सभी जानते हैं कि उन्होंने अपने पिता के एब बार कहने पर अयोध्या का पूरा राजपाठ छोड़कर 14 वर्ष के वनवास को अपना लिया था. हम सभी इस बात को जानते हैं कि जब भगवान राम अपने पिता राजा दशरथ की आज्ञा को पूरा करने के लिए जंगलो की तरफ गए थे तो उन्ही जंगलो में रावण ने भगवान राम की धर्मपत्नी माता सीता का हरण कर लिया था. माता सीता का हरण करने के बाद रावण उन्हें अपने साथ अपनी लंका में ले गया था. जिसके बाद से ही रावण ने अपनी मृत्यु का आव्हान कर लिया था.

आज हम आपके सामने रामायण काल के एक ऐसे वाक्य का जिक्र करने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद ही आपने कभी सुना होगा. हम सभी इस बात को जानते हैं कि जब रावण माता जानकी का हरण करके उन्हें अपनी सोने की लंका में ले गया था, जिनकी तलाश करते-करते भगवान राम वहां तक पहुँच गए थे. भगवान राम जब रावण की लंका के पास पहुंचे तो उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी थी रावण की लंका के बीच मौजूद समुंद्र को पार करना.

आज हम आपके सामने भगवान राम से जुड़े जिस वाक्य का जिक्र करने जा रहे हैं वो वाक्य रामायण काल के दौरान राम सेतु के निर्माण से जुड़ा हुआ है. बता दें कि जब भगवान श्रीराम ने राम सेतु के निर्माण के लिए समुंद्र देव से मदद मांगी थी तब समुंद्र देव ने भगवान श्रीराम को बताया कि आपकी सेना में मौजूद नल और नील ऐसे हैं जिनको इस पुल के निर्माण कार्य की पूरी जानकारी है.

समुंद्र देव ने भगवान राम से कहा कि नल और नील आपकी कृपा और आज्ञा से इस समुंद्र पर सेतु बनाने के कार्य में अवश्य सफल होंगे. समुंद्र देव के कहने के अनुसार भगवान राम ने नल और नील को अपने पास बुलाकर इस राम सेतु के निर्माण का कार्य सौंप दिया. इस सेतु के निर्माण की जिम्मेदारी मिलने के बाद नल और नील बेहद खुश हो गए और उन्होंने अपना सौभाग्य समझकर इस सेतु का निर्माण करने लगे.

इस सेतु के निर्माण के दौरान वानर और भालू मिलकर हनुमान जी के लिए पत्थर लाकर देते रहे और हनुमान जी भी उन सभी पत्थरों पर भगवान राम का नाम लिख-लिखकर नल और नील को देते रहे. इसके बाद नल और नील दोनों ही अपने ज्ञान के अनुसार उन सभी पत्थरों को समुंद्र में रखते चले गए. और धीरे-धीरे इस राम सेतु का निर्माण होता गया.

इस दौरान सबसे हैरानी की बात ये थी कि समुंद्र में जितने पत्थर डाले जा रहे थे वह सभी समुंद्र की सतह पर तैर रहे थे. इन पत्थरों को तैरता देख वहां मौजूद सभी बहुत हैरान हुये. इस पूरी प्रतिक्रिया को देखकर भगवान श्रीराम हनुमान जी से बहुत प्रसन्न हुये और उन्होंने हनुमान जी से कलयुग के प्राणियों के कुछ बाते कही थी. जिसके बारे में आपको पता होना बहुत जरुरी है. इस वीडियो में जानिए उन सभी बातों को जिनके बारे में भगवान राम ने हनुमान जी से कहा था.