BREAKING : नीतीश कुमार के खिलाफ RJD का सबसे बड़ा खुलासा, लालू यादव ने लेना शुरू किया महागठबंधन तोड़ने का बदला

2015 में गठित हुए महागठबंधन में JDU, RJD और INC जैसी पार्टियों ने मिलकर नरेन्द्र मोदी के विजय रथ को रोकने का एक सफल प्रयास किया था. यह गठबंधन अपने उतार-चढ़ाव झेलते हुए आगे बढ़ते गया लेकिन 2017 में जब लालू यादव और उनके परिवार पर भ्रस्टाचार के संगीन आरोप लगे, तब नीतीश कुमार को अचानक लालू एक बार फिर भ्रष्ट लगने लगे. चूंकि, JDU और BJP ने रातों-रात सरकार भी बना ली तो लालू चुप कैसे बैठने वाले थे. लालू यादव ने इसी बदले की भावना में आकर नीतीश कुमार पर अब गंभीर आरोप लगाए है. RJD ने नीतीश के खिलाफ एक वीडियो जारी किया है जिसमे उनके ऊपर हत्या करने जैसा आरोप लगा है.

नीतीश कुमार के ऊपर हत्या का एक मामला दर्ज किया गया है जिसमे धारा 302 और 307 का मुकदमा चल रह है. 1991 में हुए हत्याकांड में नीतीश कुमार भी लपेटे में आये थे. राज्य भर में बेदाग़ माने जाने वाले नीतीश कुमार ने इस मामले में पब्लिक में कभी भी कुछ नही बोला है. महागठबंधन के टूटने के बाद ही लालू यादव ने ये मामला देश भर के सामने उजागर करके गड़े मुर्दे उखाड़ने की कोशिश की है.

RJD नेताओं ने मिलकर 1991 में हुए हत्याकांड में मृतक सीताराम सिंह के भाई का वीडियो पेश करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफ़ा माँगा है. RJD के नेता जगदानंद सिंह ने कहा की नीतीश कुमार के ऊपर हत्या का संगीन आरोप है. हत्याकांड में दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम है. पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है इसीलिए सुशासन बाबु को इस्तीफ़ा देकर न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना चाहिए.

RJD के प्रदेश मुख्यालय में जगदानंद सिंह ने कहा की सांप्रदायिकता से देश को बचाने के लिए प्रदेश में महागठबंधन का गठन हुआ था. नीतीश कुमार ने जो आदर्श स्थापित किये थे उनपर वह स्वयं खरे नही उतरे है. जगदानंद सिंह ने कहा की बिहार में महागठबंधन किसी भी सिद्धांत या आदर्शवाद की वजह से नही टूटा है बल्कि इसके पीछे केवल एक ही शक्स है. नीतीश कुमार अपराध के सबसे बड़े पोषक और संरक्षक है. राज्य एक तरफ होता है और अपराधी दूसरी तरफ होता है. नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर बैठने का कोई हक नही है. बिहार की जनता को पूरा सच जानने का पूरा हक है. जगदानंद ने आगे बढ़ते हुए कहा की नीतीश कुमार ने भारत को खंडित होने के खतरे बढाने वाली विचारधारा से समझौता कर चुके है. वही दूसरी तरफ, राज्य को खंडित होने से बचाने का लक्ष्य लालू प्रसाद यादव का है.