अपने माता पिता से प्यार करने वाले एक बार ये वीडियो जरुर देखें क्योंकि इसमें…

पूरे संसार में माता पिता का स्थान भगवान से भी बढ़कर होता है. क्योंकि उनकी वजह से ही हमें एक नया जीवन मिल पाता है और हम इस इस दुनिया में आते हैं. हमारे पेरेंट्स ही ऐसे होते है. जो हमारी फिर्क अपनी जान से भी ज्यादा करते है. जिनके लिए हमारे सुख से बढ़कर और कुछ भी नहीं होता है. हमारे सबसे पहले गुरु माता पिता ही होते है जो हमारे अंदर अपने अच्छे संस्कारों को डालते है और हमें समाज की बुरी आदतों से लड़ना भी सिखाते है. और इसलिए कहा भी जाता है कि हमारे माता पिता के कदमों में स्वर्ग होता है.

लेकिन जब हम वृद्ध आश्रम की बात करते है तो हमारे अंदर बहुत से सवाल खड़े हो जाते है कि क्या इन लोगों के बच्चों ने उनको बड़ा करने का अपनी माता पिता को यही इनाम दिया है. आइये हम सुनाते है आपको माता पिता और एक बच्चे से जुड़ी भावनात्मक कहानी जिससे सुनने के बाद आपकी आँखों से आंसू रुकेंगे नहीं.

एक बार एक स्टूडेंट स्कूल में टॉप करने के बाद एक कंपनी में जॉब इंटरव्यू देने गया. जिसके बाद स्टूडेंट ने फर्स्ट इंटरव्यू पास कर लिया और फाइनल इंटरव्यू डायरेक्टर को लेना था, और डायरेक्टर को ही तय करना था कि उसको जॉब पर रखना है या नहीं. स्टूडेंट का रिज्यूम देखने के बाद डायरेक्टर ने पूछा, क्या आपको पढ़ाई के दौरान कोई स्कॉलरशिप मिली स्टूडेंट ने बोला नहीं.

डायरेक्टर ने कहा, कि फिर आपके स्कूल की फ़ीस आपने पिता भरते होंगे. स्टूडेंट ने कहा जी हा. डायरेक्टर ने पूछा, तुम्हारे पिता काम करते है. स्टूडेंट बोला लोगों के कपड़े धोते है. डायरेक्टर के द्वारा स्टूडेंट के हाथ देखने पर पता चला की उसके हाथ बहुत कोमल थे.

डायरेक्टर बोला, क्या में आपसे एक काम करने के लिए कह सकता हूँ. स्टूडेंट बोला जी हा, वह बोला आज घर जाकर अपने पिता के हाथ धोने के बाद कल आकर मुझसे मिलना. यह बात सुनकर स्टूडेंट ख़ुशी ख़ुशी घर गया और जाकर अपने पिता से हाथ धोने की इच्छा जाहिर की.

लेकिन जब उसने पिता के हाथों पर घाव को देखा तो उसकी ऑंखें फटी की फटी रह गई. और जब भी वह हाथों पर पानी डालता तो पिता के चेहरे पर दर्द साफ झलक जाता था. यह देखकर स्टूडेंट की आँखों में पानी आ गया. क्योंकि वो घाव दूसरों के कपड़े धोने के बाद आये थे.

पिता के हाथ धोने के बाद उस स्टूडेंट ने पिता के लाख मना करने के बाद सारे कपड़े एक एक करके धो डालें. उस रात बाब बेटे ने काफी देर तक बात की और सुबह होते ही जब वह फिर से डायरेक्टर के सामने गया. तो डायरेक्टर ने कहा, कैसा रहा कल का दिन क्या सिखा कुछ शेयर करना चाहोगे.

स्टूडेंट बोला कल मैंने जाना की माता पिता की हमारी जिंदगी में क्या अहमियत होती है. मैने जीवन के सत्य को स्वीकार किया जिसमें हमारे पेरेंस्ट्स हमारे लिए बहुत कुछ करते है लेकिन कुछ बच्चें देख कर अनदेखा कर देते है.

डायरेक्टर बोला, कांग्रेजुलेशन तुम इस जॉब के पुरे हकदार हो, क्योंकि यही सब गुण है जिनको मैं अपने मैनेजर में देखना चाहता हूँ. लेकिन कुछ ऐसे भी बच्चें होते हैं जो बड़े होने के बाद अपने माता पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़कर आते हैं. जिसके लिए माता पिता को भी अपने बच्चों को अच्छे खान पान के साथ साथ उनको घर के कुछ काम करने की सीख भी बताये ताकि उनको भी पता चले कि कपड़े धोते हुए कैसा महसूस होता है खाना बनाते हुए कैसा लगता है.